FeedCluster.com - Free Community Aggregators, Blog Aggregator Hosting Create Aggregator | Submit Blog | Log In
A hindi and english blog aggregator
तुगलक के हाथों में बिहार-ब्रज की दुनिया
भारतीय इतिहास का नेकनाम सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक बहुत ही विद्वान आदमी था.लेकिन व्यावहारिक तौर पर वह कभी सफल नहीं रहा.उसकी योजनायें शानदार होती थीं लेकिन उसका क्रियान्वयन उतना ही घटिया होता था.इसलिए उसे हर बार अपनी योजनायें वापस लेनी पड़ती थी. ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लघुकथा -
लघुकथा - [read more]
0 CommentsView blog reactions
लघुकथा
पागल /सुधा भार्गव [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार को भारत सरकार देश में लाने में असफल
भारत सरकार ने अपनी गुटनिरपेक्ष नीति को छोड़ कर अमेरिकन साम्राज्यवाद के साथ अप्रत्यक्ष रूप से रहना स्वीकार कर लिया है। अमेरिकन साम्राज्यवाद की दोहरी नीतियों का खामियाजा हमारे देश को भुगतना पड़ रहा है। मुंबई आतंकी घटना के सूत्रधार व एफ.बी.आई मुखबिर व ... [read more]
1 CommentView blog reactions
SPIC MACAY National Convention Schedule 2010
National Convention Schedule 2010 [read more]
0 CommentsView blog reactions
बड़ी से बड़ी तादात में पहुंचें लखनऊ; ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ल़ा बोर्ड के अधिवेशन में
आप सभी ब्लॉगर्स और पाठकगण से अपील है कि बड़ी से बड़ी तादात में  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ल़ा बोर्ड के अधिवेशन में पहुंचे!!! अगर इस मसले में आपको कोई तकलीफ हो तो मुझसे राबता कायम करें... [read more]
1 CommentView blog reactions
ओ मेरे युगचारण !
बिना पुलिस के कैसे संभव हैहोली दीवाली ईद मोहर्रम कुम्भ चुनाव मंत्रीजी का भाषण माननीयोँ का शहर या गाँव मे निकलना राशन आपदा राहत मनरेगा की मजदूरी का वितरण जुलूस धरना -प्रदर्शनके आयोजन बिना पुलिस के कैसे हो पाएंगे ? ओ मेरे देश बोलो ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
अधोसंरचना विकास में भी भांजी मारी झाबुआ पावर ने
0 घंसोर को झुलसाने की तैयारी पूरी - - - (5)   अधोसंरचना विकास में भी भांजी मारी झाबुआ पावर ने  चार साल में एक फीसदी से भी कम राशि का किया प्रावधान   आदिवासियों के हितों पर हो रहा कुठाराघात   प्रदेश सरकार को कितनी मिलेगी रायल्टी!   (लिमटी ... [read more]
1 CommentView blog reactions
दिल की बात !
मेरा दिल करता है तुम्हें अमलतास का पेड़ बना लूँ किसी गांव की अल्हड़ बाला सी तुमको पकड़कर घूमती जाऊँ घूमती जाऊँ जब तक तुम्हारी शाखाएं मुझे थाम न लें ... [read more]
21 CommentsView blog reactions
दोहे- नोट महात्म्य : संजीव 'सलिल'
मायावती जी को नोटों की माला पहनाई जाने पर-- [read more]
0 CommentsView blog reactions
सुधियों के दोहे: --- आचार्य संजीव 'सलिल'
सुधियों के दोहे: [read more]
1 CommentView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मनुष्य जाति की मित्र नजदीकी पक्षी गौरैया
विश्व गौरैया दिवस पर [read more]
1 CommentView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मनुष्य जाति की मित्र नजदीकी पक्षी गौरैया
विश्व गौरैया दिवस पर [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: मनुष्य जाति की मित्र नजदीकी पक्षी गौरैया
विश्व गौरैया दिवस पर [read more]
1 CommentView blog reactions
मनुष्य जाति की मित्र नजदीकी पक्षी गौरैया
विश्व गौरैया दिवस पर [read more]
0 CommentsView blog reactions
मनुष्य जाति की मित्र नजदीकी पक्षी गौरैया
विश्व गौरैया दिवस पर [read more]
2 CommentsView blog reactions
बाटला हाउस: पोस्ट मार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि आतिफ और साजिद को कुंद की मुठ से मारा गया Exclusive report from twocircle.net
Batla House: Post-mortem report confirms Atif, Sajid were hit by blunt force [read more]
6 CommentsView blog reactions
सपने बोए आंसू काटे
हर्ष मंदर [read more]
0 CommentsView blog reactions
मुर्गे के पंख से ईंधन
अमेरीका में भारतीय मूल के प्रोफ़ेसर मनोरंजन मनो मिश्रा मुर्गे के पंख और कॊफी से ईंधन बना कर सुर्खियों में है! उन्हे इस काम के लिये सम्मानित भी किया गया है! श्री मिश्रा को नेवादा सिस्टम आफ हायर एजुकेशन बोर्ड ने वर्श 2010 की रिजेंट्स रिसर्चर उपाधि ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
लालती ने कहा, ऐसे में मैं बंदूक उठा लूं तो
लालती ने कहा, ऐसे में मैं बंदूक उठा लूं तो [read more]
0 CommentsView blog reactions
वैक्सीन से मौत!
वैक्सीन से मौत!  पोलियो की वैक्सीन को लेकर निर्मूल नहीं थीं आशंकाएं (लिमटी खरे) [read more]
2 CommentsView blog reactions
झाबुआ पावर की जनसुनवाई पर भी लगे प्रश्नचिन्ह
0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी - - - (4) झाबुआ पावर की जनसुनवाई पर भी लगे प्रश्नचिन्ह  क्षेत्रवासियों को पता ही नहीं और हो गई जनसुनवाई पर्यावरण विभाग की वेव साईट पर 5 दिन पहले डली थी रिपोर्ट कम्पनी और सरकारी मुलाजिमों की भूमिका सन्दिग्ध ( ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
विज्ञान और ज्योतिष
                   विज्ञान और ज्योतिष [read more]
1 CommentView blog reactions
किसी के लौटते ही आसमान से बरसते फूल
(मोहन कुमार डहेरिया मेरे अत्यंत प्रिय कवियों में से हैं। चर्चा, पुरस्कार, सेटिंग के जंजाल से दूर चुपचाप नियमित सृजन करने वाले मोहन आलोचकों की व्यक्तिगत बातचीत में ख़ूब शुमार होते हैं लेकिन लिखते समय लोग उन्हें भूल जाते हैं। 'कहां होगी हमारी जगह', ... [read more]
6 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र कामयाब हुआ
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के स्तिथि अति गंभीर है। कोंट्रैक्ट किलर नीरज सिंह को जब जौनपुर पैसेंज़र से लेजाया जा रहा था तो कुछ हमलावरों ने उन दोनों सिपाहियों की हत्या कर अपराधी को छुड़ा कर लेकर चले गए । बरेली में अभी तक कर्फ्यू चल रहा था। आए द ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र कामयाब हुआ
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के स्तिथि अति गंभीर है। कोंट्रैक्ट किलर नीरज सिंह को जब जौनपुर पैसेंज़र से लेजाया जा रहा था तो कुछ हमलावरों ने उन दोनों सिपाहियों की हत्या कर अपराधी को छुड़ा कर लेकर चले गए । बरेली में अभी तक कर्फ्यू चल रहा था। आए द ... [read more]
4 CommentsView blog reactions
दुनिया रोज़ बदलती है!
;qok laokn] Xokfy;j [read more]
0 CommentsView blog reactions
पोथी पढ़ पढ़ जगमुआ, पंडित भया न कोय......
यह कहावत तो आप ने सुनी होगी जब जागे तब सबेरा। यह खबर आई है। कौतूहल पूर्ण और प्रशंसनीय। इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं भाजपा सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री रहे दल बहादुर कोरी। यह पूर्व राज्यमंत्री रहे दल बहादुर कोरी। यह पूर्व राज्यमंत्री इ ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
जनपक्ष: शलाका को तमाचे के लिये आभार!
केदार जी…सच मानिये इस एक पुरस्कार को लौटा के आपने हमें वह ख़ुशी दी है जो सारे संकलनों को कई-कई बार पढ़कर नहीं मिलती। पहले पुरुषोत्तम अग्रवालने जब इस पुरस्कार को न लेने की घोषणा की तो ग्वालियर का रहवासी होने पर फ़क्र हो आया था…अब आपके निर्णय के बा ... [read more]
1 CommentView blog reactions
हत्यारे
(एक) [read more]
15 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: उक्रेन में राष्ट्रपति चुनावः अमरीकी साम्राज्यवाद के लिए एक झटका
1990-91 में विश्व में एकध्रुवीय हो जाने और अमरीका का इसका अगुआ बन जाने के बाद से ही उसने विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। लेकिन यूरोप और खासकर पूर्वी यूरोप पर उसका विशेष ध्यान है। इस अभियान में उसने सर्वप्रथम युगोस्वा ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: उक्रेन में राष्ट्रपति चुनावः अमरीकी साम्राज्यवाद के लिए एक झटका
1990-91 में विश्व में एकध्रुवीय हो जाने और अमरीका का इसका अगुआ बन जाने के बाद से ही उसने विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। लेकिन यूरोप और खासकर पूर्वी यूरोप पर उसका विशेष ध्यान है। इस अभियान में उसने सर्वप्रथम युगोस्वा ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
भुलाना उन्हें सम्भव ही नहीं, फिर से मिल पाना जिनसे मुमकिन ही नहीं......!!!!!
पाँच वर्ष का समय बहुत ज्यादा पुराना नहीं होता कुछ भुलाने के लिए। और कुछ ऐसा होता है जिसे चाह कर भी भुलाया जाना सम्भव नहीं होता है। आज की ही तारीख थी, सन् 2005 की सुबह, फोन की घंटी घनघनाई और फिर शुरू हुआ आशंकाओं, चिन्ताओं का दौर। जो पास नहीं था, उ ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
सिद्धान्तविहीन राजनीति का सिद्धान्त
राजा और राजनीति, राजनीति और राजनीतिक सिद्धान्त, सिद्धान्त और नियम यह एक कदम हो सकता है राजनीति का। इन कदमों में राजशाही समाप्त हुई किन्तु राजा समाप्त नहीं हुए। राजा का पद समाप्त हुआ किन्तु राजपद की ताजपोशी होना बन्द नहीं हुई। इसी समाप्ति और चालू ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
आप सभी को नव संवत्सर की मांगलिक शुभकामनाएं
0 CommentsView blog reactions
स्वंयरक्षा ही सुरक्षा
बंगलूरु एक बहुत ही तेजीसे बढ़ने वाले शहरों की दौड़ में शामिल हैं। आजसे दस साल पहले हैदराबाद के पीछे था। लेकिन अब जनगणना के अधार पे यह भारत का तीसरा बड़ा शहर माना जाता हैं। यहाँ हर रोज नए माँल और नए टावर्स खड़े होते हैं। हर टावर्स में कई ओफिसेस होत ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: जन प्रतिनिधियों की शैक्षिक आर्हता व चरित्र का सत्यापन जरूरी हो
उ0 प्र0 पंचायत चुनावों में इस बार प्रधान बनने के लिए शैक्षिक योग्यता अनिवार्य कर दी गई है। अब हाईस्कूल फेल व्यक्ति प्रधानी की कुर्सी पर नहीं पहुंच सकेंगे। देर से सही परन्तु सही दिशा में बढ़ाया गया यह एक अच्छा कदम कहा जायेगा यही काम अगर विधान सभा, ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी...!!!
बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक काफी जद्दोज़हद के बाद आखिर संसद का राज्यसभा में पेश हो गया. कुछ सहयोगी विपक्षी पार्टियों के हो हल्ला और वाकआउट के बावजूद यूपीए की सरकार चौदह साल बाद संसद उच्च सदन में बिल के पक्ष में १८६ मत और विरोध में १ मत हासि ... [read more]
5 CommentsView blog reactions
महँगी शिक्षा से ठहर जाएगा देश.....!!
पिछले दो सालों में जिस रफ़्तार से महंगाई बढ़ी,उस रफ़्तार से लोगों की कमाई नहीं बढ़ पाई,सिर्फ राशन-खर्च से बेहाल आम आदमी इस कदर परेशां है कि और किसी खर्च के बारे में सोच पाना उसके बस के बाहर हो गया है.तिस पर स्कूलों में होती दो-गुनी-तिगुनी फीस-वृद्धि ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
युवा संवाद का राज्य सम्मेलन
युवा संवाद का तीसरा राज्य स्तरीय शिविर आगामी २०-२१ मार्च को ग्वालियर में होगा। [read more]
1 CommentView blog reactions
भगत सिंह की याद में उनकी शहादत के 75 वर्ष पूरे होने पर
भगत सिंह की याद में उनकी शहादत के 75 वर्ष पूरे होने पर [read more]
0 CommentsView blog reactions
बेवफा बता बद दुआ देता है व ...
बेवफा बता बद दुआ देता है वो,और मैं उसके लिए मंदिर मंदिर धोक खाता रहा। -----बिन बुलाये वक्त बेवक्त चला आता था,अब तो मुड़कर भी ना देखा मैं आवाज लगाता रहा। ----एक सुरूर था दिलो दिमाग पर अपना है वो,देखा जो गैर के संग तो नशा उतर गया। [read more]
3 CommentsView blog reactions
आओ कि कोई ख़्वाब बुनें कल के वास्ते
आओ कि कोई ख़्वाब बुनें कल के वास्ते वरना ये रात आज के संगीन दौर की डस लेगी जान-ओ-दिल को कुछ ऐसे कि जान-ओ-दिल ता-उम्र फिर न कोई हसीं ख़्वाब बुन सकें [read more]
0 CommentsView blog reactions
भाषा और चिंतन
हे मानवश्रेष्ठों, [read more]
6 CommentsView blog reactions
ख़त्म नही होती बात...
(हालिया प्रकाशित कुछ महत्वपूर्ण कविता संकलनों से असुविधा पर आपको रु ब रु कराने के वायदे के तहत हम इस बार प्रस्तुत कर रहे हैं ख्यात युवा कवि बोधिसत्व का ताज़ा संकलन 'ख़त्म नहीं होती बात'। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित इस संकलन का मूल्य है २०० रु। १९९ ... [read more]
13 CommentsView blog reactions
डॉ0 अनिल चड्डा की रचना - ख़ुदा कभी तो नीचे झाँकता होगा
ख़ुदा कभी तो नीचे झाँकता होगा [read more]
2 CommentsView blog reactions
बात तो कुछ भी ना थी
----- बात तो, कभी भी कुछ भी ना थी, मैं तो बस यूँ ही मुस्कुराता रहा, अपनों को खुश रखने के लिए अपने गम छिपाता रहा। ----- मेरे अन्दर झांकने वाले गुम हो गए दो नैन, कौन सुनेगा,किसको सुनाऊं कैसे मिले अब चैन। [read more]
1 CommentView blog reactions
हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट
राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान हमीरपुर हिमचल प्रदेश के विद्यार्थियों ने हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट तैयार किया है! इससे बिजली उत्पन्न की जा सकेगी! संस्थान के तीसरे वर्ष के विद्यार्थी श्याम कुमार सिंह ने अपने सह्पाठियों हिंमाशु, शिप्रा, नवीन, दीप ... [read more]
3 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: हम डाक्टर भेजते हैं, सैनिक नहीं
हैती में प्राकृतिक आपदा, जिसने हमारे इस पड़ोसी देश को तबाह कर दिया, के दो दिन बाद 14 जनवरी 2010 को मैंने लिखा था, “स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में हैती के लोगों को क्यूबा का सहयोग मिला है यद्यपि वह एक छोटा सा और प्रतिबंधित देश है। हमारे करीब 400 ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
लो क सं घ र्ष !: हम डाक्टर भेजते हैं, सैनिक नहीं
हैती में प्राकृतिक आपदा, जिसने हमारे इस पड़ोसी देश को तबाह कर दिया, के दो दिन बाद 14 जनवरी 2010 को मैंने लिखा था, “स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में हैती के लोगों को क्यूबा का सहयोग मिला है यद्यपि वह एक छोटा सा और प्रतिबंधित देश है। हमारे करीब 400 ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
क्या जरूरी है शादी से पहले बातचीत?
शादी से पहले बातचीत जरूरी है या नही यह बहस का विषय है सच तो यह है कि समय परिवर्तन व जीवनशैली में आने वाले बदलावों का असर हमारे संबधों रीति -रिवाजों तौर तरीको पर भी पडता है । जब लडका-लडकी खुले शहरी वातावरण में पले हो तो यह सोचना असंभव सा है की है ... [read more]
9 CommentsView blog reactions
मार्च 12: दिल्ली में वामपंथी पार्टियों की रैली
वामपथी पार्टियों-भाकपा, भाकपा (मा), आल इंडिया फारवर्ड ब्लाक तथा आरएसपी ने 12 मार्च 2010 को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक अखिल भारतीय रैली के आयोजन का फैसला किया है। इस संदर्भ में ए.बी. बर्धन, महासचिव भाकपा, प्रकाश करात, महासचिव, भाकपा (मा.) देव ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
धर्म या जाति
आज समाज धर्म या जाति के भंवर में ऐसा फंसा हुआ है कि उचित-अनुचित की सुध-बुध ही खो सी गयी है! धर्मान्तरण पर तो चर्चा खूब जोर-शोर से होती है लेकिन इस पर गौर नहीं किया जाता के ये हो ही क्यों रहा है! [read more]
3 CommentsView blog reactions
स्त्री "0" शुन्य है और पुरुष "1" एक है; महिला दिवस पर विशेष: सलीम ख़ान
स्त्री "0" शुन्य है और पुरुष "1" एक है. यह वाक्य पढ़ते ही ऐसा लगता है कि स्त्री पुरुष से कमतर है. ज़ाहिर सी बात है इस वाक्य के  भावार्थ से निकला परिणाम निश्चित रूप से स्त्री को पुरुष से कम अंक रहा है. मैं भी सिर्फ़ इतना कह कर जवाब-विहीन हो जाऊंगा ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
शहर में ग़रीब वाया शरद कोकास
( शरद कोकास किसी परिचय के मुहताज नहीं - न साहित्य जगत में और न ब्लाग जगत में…अभी अर्थात पर मैने शहरी ग़रीबी पर एक आलेख लगाया तो प्रतिक्रिया स्वरूप उन्होंने एक कविता लगायी। वह टिप्पणी में खो जाने वाली कविता नहीं है…तो उसे आप सब के लिये यहां प्रस्त ... [read more]
6 CommentsView blog reactions
बांस
अन्य पेड़ों की तुलना में बांस पर्यावरण से 35  प्रतिशत ज्यादा कार्बन डाई आक्साईड गैस सोखने की क्षमता रखता है! अधिक से अधिक बांस के पेड़ न केवल कार्बन डाई आक्साईड कि मात्रा को कम कर सकते है बल्कि ग्लोबल आक्साईड की बढ़ रही मात्रा को भी कम कर सकते है ... [read more]
3 CommentsView blog reactions
भूमण्डलीय ग्राम से बहिष्कृत शहरी ग़रीब
ग़रीबी की बहस हमारे देश में बहुत पुरानी है। औपनिवेशिक ग़ुलामी से मुक्ति के बाद से ही हमारे विकास की तमाम योजनाओं में ग़रीबी हटाने और देश के भीतर व्याप्त सामाजार्थिक विषमता को दूर करने की बातें की जाती रहीं। लोकतांत्रिक प्रणाली और शायद गांधी के ग्राम ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
पता नहीं कितनी बची हो तुम मेरे भीतर!
तुम्हारी तरह होना चाहता हूं मैं [read more]
14 CommentsView blog reactions
हुसैन की पेंटिंग भारतमाता और अदालत का फ़ैसला
हुसैन की पेंटिंग भारतमाता और अदालत का फ़ैसला [read more]
CommentsView blog reactions
अपर्णा की तलाश
ये दो नज्में इमरोज़ जी ने भेजी है...........एक अपर्णा की है, और दूसरी नज़्म अपर्णा की नज़्म के जवाब में इमरोज़ की है . अपर्णा का पता उनसे खो गया और वे यह नज़्म उसे भेज नहीं सके......यह उनका प्रयास है मेरे द्वारा उन्हें ढूँढने का......मुझे विश् ... [read more]
37 CommentsView blog reactions
मोहम्मद उमर कैरान्वी को ब्लोगवाणी पर देख कैसा लगता है आपको, मुझे तो....
आज सुबह सुबह जैसे ही ब्लोगवाणी खोली तो देखा वहां पर "कहीं से कुछ ब्लॉग कालम में जनाब मोहम्मद उमर कैरान्वी साहब विराजमान हैं (दुसरी लाइन में बाएं से दुसरा चित्र) और मुझे उस सवाल का जवाब भी मिल गया जो कैरान्वी भाई पहले हमेशा से ब्लोगवाणी से करते आ ... [read more]
10 CommentsView blog reactions
रौनक अपहरण काण्ड के बहाने.......!!
झारखण्ड की राजधानी रांची में घटे रौनक अपहरण कांड के विभिन्न पहलुओं को देखते हुए यह जाहिर होता है कीसाईबर जगत और मोबाइल जगत की पैठ किस प्रकार अपराध जगत में बढती जा रही है,सूचना-संचार औरसुविधा के ये साधन किस प्रकार अपराध-जगत के अनिवार्य घटक बन चुके ... [read more]
1 CommentView blog reactions
इस क़दर टूटा हूँ कि रोना चाहता हूँ....: महफूज़
कभी-कभी मन बहुत उदास होता है. कारण ख़ुद को भी नहीं पता होता. हम रोना तो चाहते हैं, लेकिन आंसू नहीं निकलते, मंज़िल सामने तो होती है लेकिन रास्तों का पता नहीं होता. विचारों का द्वंद्व  दिल-ओ-दिमाग़ में चलता रहता है लेकिन विचारों में ठहराव नहीं होता ... [read more]
97 CommentsView blog reactions
भविष्यफल और वैज्ञानिकता
(युवा दख़ल पत्रिका पिछले दो सालों से ग्वालियर युवा संवाद द्वारा निकाली जा रही है। इस बार इसमें कुल पन्ने हैं १६ और मूल्य ५ रु… कवर पेज़ बनाया भाई रवि कुमार रावतभाटा ने। मंगाने के लिये मुझे मेल करें या फोन... यहाँ इसी अंक से विष्णु नागर जी का एक आ ... [read more]
11 CommentsView blog reactions
इश्क ...!!!
दुनिया की नजर में इश्क करना हराम है ? तभी तो इश्क इतना दुनिया में बदनाम है । [read more]
4 CommentsView blog reactions
मेरी फितरत
विपरीत लहरों पर तैरना मेरी फितरत रही हादसों में ख़ुशी तलाशना मेरी फितरत रही आंसुओं के मध्य आबेहयात मिलना मेरी फितरत रही तभी- ज़िन्दगी मेरे साथ है [read more]
34 CommentsView blog reactions
भूतनाथ को मिला नोबेल प्राईज....हुर्रा.....आहा....!!
मैं भूत बोल रहा हूँ..........!!हुर्रा....आहा....!!भाईयों और भाईयों...!! भूतनाथ को मिला साहित्य और शांति का नोबेल प्राईज....!!....विश्व की दुनिया की धरती के मेरे तमाम दोस्तों....मुझे आज आपको यह बताते हुए अपार हश्र हो रहा है कि आज एक अनाम-से अजीव ... [read more]
3 CommentsView blog reactions
रंग – कविता – रवि कुमार
रंग (a poem by ravi kumar, rawatabhata) [read more]
CommentsView blog reactions
हसरत -ए-दिल ...!!
तेरी हसरत थी जो दिल को ,वह खत्म हो गयी , अब वादे-वफा निभानी बस रस्म हो गयी । [read more]
6 CommentsView blog reactions
किस्मत....???
किस्मत में था न तेरा साथ, ये था नही पता , भुगत रहा दिल जिसने, प्यार की थी खता.......? [read more]
3 CommentsView blog reactions
Hack A website using SQL INJECTIONS
I want to show you just one way that hackers can get in to your website and mess it up, using a technique called SQL Injection. And then I'll show you how to fix it. This article touches on some technical topics, but I'll try to keep things as si ... [read more]
0 CommentsView blog reactions
Project IGI- I'm going in Cheats
some hacks of project igi game Soldiers are behave like civillian Go project IGI installed folder then goto commen\ai backup the folder ai, There will some files like "civlian.qvm", "guard.qvm" like that names of enemy's copy the file "civlian. ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
किसका विकास- कैसा विकास?
(जाने-माने अर्थशास्त्री गिरीश मिश्र जी का यह आलेख अभी हाशिया पर पढ़ा … मुझे बेहद उपयोगी लगा तो यहां भी लगा दिया ) [read more]
4 CommentsView blog reactions
महंगाई मार गई......
आजकल महंगाई ईतनी बढ़ गई  हैं की सब्जियों के दाम आसमान को छु रहे हैं. "घर की मुर्गी दाल बराबर" अब यह कहावत भी गलेसे नहीं उतर रही. कहावत के साथ साथ दाल और सब्जी का भी गलेसे उतरना एक कसरत  हो गया हैं. आम आदमी की भाग दौड़ देख कर टमाटर भी हस हसकर लाल ह ... [read more]
1 CommentView blog reactions
न हमारी आग का रंग बदलेगा – महेन्द्र नेह
न हमारी आग का रंग बदलेगा – महेन्द्र नेह ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) शब्दों के कुछ समूह हमारी चेतना पर अचानक एक हथौडे़ की तरह पड़ते हैं, और हमें बुरी तरहझिंझोड़ डालते हैं. दरअसल हथौडे़ की तरह पड़ने और बुरी तरह झिंझोड़ डालने वाली उ ... [read more]
CommentsView blog reactions
जंगल के राजा की सियासत खतम होने की कगार पर
काफी चिंताजनक विषय है | डायनासौर ख़तम हुए | सारस ख़तम | गिद्ध ख़तम |मोर ख़तम होने की कगार पर हैं | शेर भी गायब हो जाएँगे | जंगल का राजा अब राजा नही रह गाया है | जंगल पर अब ऊंची ऊंची इमारतें बन गयी है, और उन पर अब इंसान राज कर रहा | बढ़ रहा है तो ... [read more]
1 CommentView blog reactions
इसीलिए सिर्फ प्रेम करना चाहिए..: महफूज़
अन्नपूर्णा कूड़ा फेंकने घर के बाहर आई तो देखा कि तीन बूढ़े व्यक्ति घर के बाहर वाले चबूतरे पर बैठे हैं. अन्नपूर्णा ने उन्हें नहीं पहचानते हुए कहा " वैसे तो मैं आप लोगों को नहीं जानतीं, फिर भी घर के अन्दर आईये और कुछ भोजन ग्रहण कीजिये." [read more]
117 CommentsView blog reactions
MY NAME IS.....
                   दुनिया में सिर्फ दो तरह के लोग होते हैं  अच्छे और बुरे विचारधारा के , बहुत ही नेक सोच हैं इसपे   कोई दो राय  नहीं.     पिछले दस दिनोसे मैं येही देख रहा हूँ टीवि पर, नेट पर सभी जगह यही खबर थी इसके अलावा कुछ देखही नहीं  पाते  थे. ... [read more]
2 CommentsView blog reactions
चेतना के आधार के रूप में श्रम
हे मानवश्रेष्ठों, [read more]
4 CommentsView blog reactions
मनुष्य और पशुओं के मानस में भेद
हे मानवश्रेष्ठों, [read more]
3 CommentsView blog reactions
क्या आप पुस्तक मेले जा रहे हैं?
साथियों [read more]
1 CommentView blog reactions
चंदेरी, आमिर खान और कुमार अम्बुज
(हाल के दिनों में चंदेरी तब चर्चा में आया जब आमिर खान ने अपनी फिल्म के प्रचार के सिलसिले में वहां एक रात गुजारी। फ़िल्म सफल रही और अच्छा यह लगा कि इसके बाद भी आमिर चंदेरी के बुनकरों की दुर्दशा को भूले नही। जब यह मामला चर्चा में था तो मुझे कवि अग्र ... [read more]
8 CommentsView blog reactions
सत्ता व प्रभाव हासिल करने कि निम्न स्तरीय राजनीती
प्रिय भारतवासियों , पिछले कई दिनों से मेरे मन में राज ठाकरे जी के लिए विभिन्न प्रकार के विचार आ रहे हैं | ना जाने क्यों वो कई बार सपने में भी आ चुके हैं | और मराठी मानुस के प्रति उनका प्रेम देख के तो बड़े बड़े प्रेम करने वालों को भी इर्ष्या होने ... [read more]
1 CommentView blog reactions
जज़्बा ग़र दिल में हो तो हर मुश्किल आसाँ हो जाती है... मिलिए हिंदुस्तान के एक उभरते हुए ग़ज़लकार से: महफूज़
कहते हैं.....कविता या शायरी ख़ुदा  की ज़ुबां होती है...और उस ज़ुबां  को हम तक पहुँचाने वाले लोग बहुत ख़ास होते हैं...ऐसे ही एक बहुत ख़ास शख्स से आज मैं आपका विसाल करवाने जा रहा हूँ..नाम है जनाब पवन कुमार सिंह. यूँ  तो इनका तार्रुफ़ मेरी आवाज़ या ... [read more]
97 CommentsView blog reactions
युवा शक्ति के पुनर्निमाण व मार्गदर्शन की आवश्यकता
प्रिय भारतवासियों , हम प्रायः सुनते हैं की आज एक युवा ने पढाई से परेशान होकर, या किसी अन्य समस्या के बोझ तले आकर आत्महत्या कर ली | शेर के मुंह में हाथ डालकर दांत गिनने वाला भारत वर्ष का युवा आज इतना लाचार और बेबस हो गया है समाज और परिवेश की कठ ... [read more]
3 CommentsView blog reactions
Serial key for tune up 2010
New version of tune up (2010) is also hacked [read more]
1 CommentView blog reactions
अवध की रेजीड़ेंसी में फोटोज़
लोकसंघर्ष सुमन के साथ श्रीमती रामा रानी सिंह [read more]
0 CommentsView blog reactions
रेजीड़ेन्सी अवध
1 CommentView blog reactions
प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा
प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा में लोकसंघर्ष [read more]
0 CommentsView blog reactions
दर्द
न जाने क्यू तुम बहोत यादआ रहे हो भुलाना चाहू तो ,भूल नही पाते हम , मिलने की आस है ,क्या मै इस जनम में तुम्हे मिल पाऊँगी ? तुम भी तो चाहते होंगे ,हम मिले ,बीते लम्हे याद करे तुम्हारा तुम जानो .मेरी दिली तमन्ना है ,मेरे इंतकाल से पहले पुरी ... [read more]
11 CommentsView blog reactions