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Jan 27, 2012
| Author: शिखा कौशिक
| Source: भड़ास blog
प्रभु नन्ही परी के जीवन को बचाएं !
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Jan 27, 2012
| Author: Vikram
| Source: भड़ास blog
http://www.atulgarg.in/about-atul-garg/
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Jan 27, 2012
| Author: Vikram
| Source: भड़ास blog
श्री अतुल गर्ग जी पूर्व मेयर श्री दिनेश चन्द्र गर्ग जी के बङे पुत्र ने गाज़ियाबाद् से ही बी. काम की पढाई समाप्त करके तथा अपना व्यवसायिक कार्य करते हुए तथा भा.ज.पा. व विभिन्न संगठनों मे काम करते हुए समाज में एक विश्वास अर्जित किया हैं | स्वभाव से ...
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Jan 27, 2012
| Author: LIMTY KHARE लिमटी खरे
| Source: रोजनामचा
मायावती का ताज खतरे में!
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Jan 27, 2012
| Author: LIMTY KHARE लिमटी खरे
| Source: रोजनामचा
बजट तक शायद चलें मनमोहन. . . 76
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Jan 27, 2012
| Author: LIMTY KHARE लिमटी खरे
| Source: रोजनामचा
0 घंसौर को झुलसाने की तैयारी पूरी . . . 54
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Jan 27, 2012
| Author: अरविन्द श्रीवास्तव
| Source: जनशब्द
यह डा. वीरेन्द्र ‘आज़म’ और उनके टीम की इच्छा शक्ति, संकल्प और समर्पण का ही परिणाम रहा कि ‘शीतल वाणी’ का ’कमला प्रसाद स्मृति अंक’ सामने आ सका। यह अंक उस महान शख्सि़यत को समर्पित है जिनके योगदान को साहित्यिक व सांस्कृतिक जगत आसानी से भुला नहीं सकता ...
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Jan 27, 2012
| Author: IMO admin
| Source: IndianMuslimObserver.com
By Pervez Bari
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Jan 27, 2012
| Author: IMO admin
| Source: IndianMuslimObserver.com
By Abdul Hafiz Lakhani
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Jan 27, 2012
| Author: IMO admin
| Source: IndianMuslimObserver.com
By Francis Wade
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Jan 27, 2012
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: असुविधा
पेंटिंग यहाँ से
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Jan 26, 2012
| Author: भूतनाथ
| Source: रांचीहल्ला
मैं भूत बोल रहा हूँ..........!!
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Jan 26, 2012
| Author: रौशन जसवाल विक्षिप्त
| Source: आधारशिला
हिमाचल को पेंटिंग्स में पदमश्री अवार्ड से नवाजा गया है और यह पुरस्कार चंबा के विख्यात चित्रकार 50 वर्षीय भाषा अधिकारी विजय शर्मा को मिला है। श्री शर्मा जो कि भूरि सिंह संग्रहालय में कार्यरत हैं। इससे पहले विजय शर्मा को वर्ष 1990 में तत्कालीन राष् ...
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Jan 26, 2012
| Author: अरविन्द श्रीवास्तव
| Source: जनशब्द
बाज़ारवाद की अपसंस्कृति ने हमारी लोक परंपरा व संस्कृति को जिस तरह से मर्माहत करना प्रारंभ किया है यह भविष्य के भयावह दृश्य का रिहर्सल-मात्र है। साजिशें रची जा रही है, आततायी लुभावने शब्दों के साथ सुंदर, सम्मोहक खिलौने लिए खड़े हैं दरवाजे पर। हमा ...
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Jan 26, 2012
| Author: काजल कुमार Kajal Kumar
| Source: Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
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Jan 26, 2012
| Author: रेखा श्रीवास्तव
| Source: लख़नऊ ब्लॉगर एसोसिएशन
गणतंत्र के शुभ अवसर पर अपने सभी सहयोगियों एवं सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं !
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Jan 26, 2012
| Author: Suman
| Source: लो क सं घ र्ष !
किसकी है जनवरी, किसका अगस्त है?
कौन यहां सुखी है, कौन यहां मस्त है?
सेठ है, शोषक है, नामी गला-काटू है
गालियां भी सुनता है, भारी थूक-चाटू है
चोर है, डाकू है, झूठा-मक्कार है
कातिल है, छलिया है, लुच्चा-लबार है
जैसे भी टिकट मिला, जहां भी टिकट म ...
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Jan 26, 2012
| Author: रौशन जसवाल विक्षिप्त
| Source: आधारशिला
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है, 26 जनवरी1950 को भारत का संविधान लागू हुआ| बस तभी से देश गणतंत्र हुआ और उसी उपलक्ष मे गणतंत्र दिवस हर वर्ष मनाया जाता है| जनवरी 26, 1950 भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। भारत का संविधान, ...
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Jan 25, 2012
| Author: Suman
| Source: लो क सं घ र्ष !
उत्तर प्रदेश में विधान सभा के चुनाव में प्रथम चरण की शुरुवात हो चुकी है। कांग्रेस, सपा, बसपा, व भाजपा की ओर से बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा आया रुपया ( ब्लैक मनी) मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिये खर्च किया जा रहा है। प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मी ...
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Jan 25, 2012
| Author: Suman
| Source: लोक वेब मीडिया
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Jan 25, 2012
| Author: रश्मि प्रभा...
| Source: मेरी भावनायें...
शब्दों के डार्ट पन्नों के डार्टबोर्ड सबके पास होते हैं
कोई डार्ट से सफलता के अंक लाता है
कोई पन्नों को बेशक्ल फाड़ देता है !
पन्नों को फाड़कर
किसी के अंक मिटाकर
वह भ्रम की उड़ान भरता है
' मैं जीत गया '
पर वह खुद को कचरे वाले गड्ढे में
दफ ...
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Jan 25, 2012
| Author: काजल कुमार Kajal Kumar
| Source: Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
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Jan 25, 2012
| Author: रौशन जसवाल विक्षिप्त
| Source: आधारशिला
आज ही के दिन 1971 में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। हिमाचल प्रदेश का गठन 15 अप्रेल 1948 को हुआ था। 1 नवम्बर 1966 को कुछ और क्षैत्र प्रदेश में शामिल किए गए थे।
सभी मित्रों को इस दिवस की अनेकानेक शुभकामनायें।
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Jan 24, 2012
| Author: सुमन'मीत'
| Source: ❀अर्पित ‘सुमन’❀
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Jan 24, 2012
| Author: Suman
| Source: लो क सं घ र्ष !
बादशाह खान और नेताजी
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हमारे देश के स्वाधीनता -संग्राम के अग्रणी , प्रभावशाली , लोकप्रिय और महान योद्धा थे | उनके प्रतिभावान व्यक्तित्व में जननेता , क्रांतिकारी तथा सेनानायक के गुणों का अदभुत संश्लेष्ण था | सतत सक्रियता ...
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Jan 24, 2012
| Author: भड़ास
| Source: भड़ास
यह सेना की इज्जत की सवाल है, क्या हमारी सेना को विदेशी माफिया अपने हिसाब से चलाएंगे.... अवश्य पढ़े...अग्रेषित भी करे ...
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Jan 24, 2012
| Author: भड़ास
| Source: भड़ास
राहुल ने उमा भारती जी को बाहरी कहकर सोनिया के विदेशी होने की चर्चा तेज कर ली है, उमा जी ने तो सोनिया के पिछली जिंदगी का सवाल उठा दिया है जिसमे उनके राजीव गाँधी से शादी होने से पहले की कहानी सहित उनके वास्तविक जन्म तिथि का विवाद, सोनिया के पिताज ...
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लखनऊ 24 जनवरी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश ने विधान सभा चुनावों के दौरान प्रमुख न्यूज चैनल्स द्वारा बरती जा रही पक्षधरता की शिकायत मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की है। इन दोनों को लिखे पत्र में भाकपा ...
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Jan 24, 2012
| Author: veerubhai
| Source: kabira khada bazar mein
फतवों को सुपर क़ानून बना दिया जाए :
जब भी मुसलमान भाइयों की तरफ से कोई फतवा आता है माननीय सरकार के हाथ फूल जातें हैं .ताज़ा प्रसंग जयपुर साहित्य विषयक आलमी बैठक का है .विषय है शैतान की आयतें माने सलमान रुश्दी की सम्मेलन में वीडियो -शिरकत .फतवा है ...
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Jan 23, 2012
| Author: रश्मि प्रभा...
| Source: मेरी भावनायें...
कोई व्यक्ति
कोई जगह
कोई प्रश्न
कोई हल .... पूर्ण है क्या ?
किसी चित्रकार के चित्र में
क्या सारी रेखाएं सही होती हैं ?
क्या संस्कारों का एक ही परिणाम होता है ?
जो तुम सोच रहे
वही हर परिवेश की पृष्ठभूमि कैसे बन सकती है ?
युगों से धर्म का ...
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Jan 23, 2012
| Author: veerubhai
| Source: kabira khada bazar mein
बच्चों के आत्म -सम्मान को ठेस पहुंचाती है ये टाइगर मम्मियां .
बच्चों के आत्म -सम्मान को ठेस पहुंचाती है ये टाइगर मम्मियां .
जो माँ बाप अपने बच्चों पर ज़रुरत से ज्यादा दवाब बनाए रहतें हैं कठोर अनुशाशन के तले उन्हें रोंदें रहतें हैं वह न सिर्फ उन ...
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Jan 22, 2012
| Author: DR. ANWER JAMAL
| Source: लख़नऊ ब्लॉगर एसोसिएशन
जिहाद का मतलब क्या है और जन्नत का हक़दार कौन है ? Jihad and Jannat
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Jan 22, 2012
| Author: काजल कुमार Kajal Kumar
| Source: Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून
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Jan 21, 2012
| Author: amit jain
| Source: दर्द दिल का
यदि लोग गलतियों से सबक लेते हैं, फिर भी दूसरी गर्लफ्रैंड क्यों बनाते हैं?
यदि खेल में जीत ही सबकुछ नहीं है तो फिर हर गेंद पर स्कोर क्यों गिना जाता है?
यदि अचूक निशाना लगाना है तो पहले तीर छोड़ दो और जहां भी तीर लगे उसे ही निशाना बता दो।
आप कभी ...
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Jan 21, 2012
| Author: Satyaprakash Maurya
| Source: भड़ास
खूब हो रहा भारत निर्माण :(
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अपनी पत्नी को मोटर साईकिल... पर लाद कर प्रसव
कराने ले गया यह पति ....
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Jan 21, 2012
| Author: समय
| Source: समय के साये में
हे मानवश्रेष्ठों,
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देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की 16वीं विधान सभा का चुनाव हो रहा है। यह चुनाव स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक परिवर्तनकारी, महत्वपूर्ण और निर्णायक चुनाव साबित हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि जनता -
जांति-पांति, धार्मिक और क्षेत्रीय संकीर्णत ...
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Jan 21, 2012
| Author: डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
| Source: रायटोक्रेट कुमारेन्द्र
इक्कीसवीं सदी, पॉप कल्चर, आधुनिकता, औद्योगीकरण, भूमण्डलीकरण, वैश्वीकरण आदि-आदि नये-नये शब्दों के बीच न जाने कितनी तरह के सम्बन्धों ने भी अपना सिर उठाया है। कबीलाई संस्कृति से अपने विकास का सफर तय करते हुए हम इंसानों ने परिवार की व्यापक और सुदृढ़ व ...
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Jan 21, 2012
| Author: रश्मि प्रभा...
| Source: मेरी भावनायें...
साँसों के जिंदा होने का सुकून बहुत बड़ा होता है
यूँ जीना तो बस एक मुहर है - वो भी नकली !
आत्महत्या आसान नहीं
गुनाह भी है
तो जबरदस्ती जीना - क्या गुनाह नहीं ?
जाने कितने लोग गुनहगार बन
कतरा कतरा साँसें ले रहे ...
और इनायत यह कि
पूछते हैं ल ...
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Jan 20, 2012
| Author: Mahfooz Ali
| Source: मेरी रचनाएँ !!!!!!!!!!!!!!!!!
मुझे पता नहीं क्यूँ कविता करने से बहुत डर लगता है..... एक तो यह कि कोई पढ़ता नहीं है और जो पढ़ भी लेता है तो वो अपना दिमाग लगा कर उसके मतलब में अपने हिसाब से एनालिसिस कर उस कविता को तहस नहस कर देता है और फ़िर ऊपर से मेरे जैसे को हिंदी डिक्शनरी दे ...
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20 जनवरी 2012
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Jan 20, 2012
| Author: DR. ANWER JAMAL
| Source: लख़नऊ ब्लॉगर एसोसिएशन
अपने प्रेम को पवित्र कैसे बनाएं ?
चरम सुख के शीर्ष पर औरत का प्राकृतिक अधिकार है और उसे यह उपलब्ध कराना
उसके पति की नैतिक और धार्मिक ज़िम्मेदारी है.
प्रेम को पवित्र होना चाहिए और प्रेम त्याग भी चाहता है.
धर्म-मतों की दूरियां अब ख़त्म होनी चाहि ...
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Jan 19, 2012
| Author: veerubhai
| Source: kabira khada bazar mein
एंटीओक्सिडेंट -बहुल खाद्य बचाव करतें हैं मधुमेह और हृद -रोगों से .
एंटीओक्सिडेंट -बहुल खाद्य बचाव करतें हैं मधुमेह और हृद -रोगों से .
Antioxidant -rich foods prevent diabetes and heart disease/BODY & SOUL/Vegetables like broccoli are rich in f ...
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Jan 19, 2012
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: असुविधा
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Jan 17, 2012
| Author: ghatak.27@gmail.com
| Source: समीक्षा
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Jan 17, 2012
| Author: सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh
| Source: TheNetPress.Com
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Jan 16, 2012
| Author: अरविन्द श्रीवास्तव
| Source: जनशब्द
नये रचनाकारों को लिखने से अधिक पढ़ना चाहिए। वरिष्ठ साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ना, आत्मसात करना फिर लिखना ही एक मंत्र है। अधिकांश नया लेखक हड़बड़ी में रहता है जबकि साहित्य की कोई भी विधा मुकम्मल समय मांगती है। प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान के अध्य ...
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Jan 15, 2012
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: असुविधा
रवीन्द्रनाथ टैगोर की पेंटिंग - विदेशिनी
कुमार अनुपम हमारे समय के एक महत्वपूर्ण कवि हैं. न केवल इसलिए कि उनके पास एक ऎसी कवि दृष्टि है जो समकालीन कविता के चालू मुहावरों से आगे जाती है बल्कि इसलिए कि इस कविता विरोधी समय में अपने लिए कोई सुरक्षित ...
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Jan 14, 2012
| Author: amit jain
| Source: दर्द दिल का
ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं,
तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं,
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Jan 14, 2012
| Author: समय
| Source: समय के साये में
हे मानवश्रेष्ठों,
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Jan 14, 2012
| Author: सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh
| Source: TheNetPress.Com
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Jan 13, 2012
| Author: Arunesh c dave
| Source: अष्टावक्र
साहब हम नुक्कड़ पर टैटू बनाने की मशीन लेकर खड़े थे कि तभी संघ के बड़े कार्यकर्ता सम्मोहन भागवत जी दिखे, हमने आवाज देकर बुला लिया। उनके आते ही हमने कहा - "भागवत जी, जरा हाथ दिखाईये कुछ लिखना है।" भागवत जी बोले -" क्या लिखोगे दवे जी।" हमने कहा -" ...
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Jan 12, 2012
| Author: ghatak.27@gmail.com
| Source: समीक्षा
Every single eveningAs I'm lying here in bed,This tiny little PrayerKeeps running through my head:God bless all my familyWherever they may be,Keep them warmAnd safe from harmFor they're so close to...
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Jan 12, 2012
| Author: ghatak.27@gmail.com
| Source: समीक्षा
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Jan 11, 2012
| Author: amit jain
| Source: दर्द दिल का
'फूल खिलते हैं, बहारों का समा होता है
ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवाँ होता है
दिल की बात लबों से नहीं कहते
ये अफसाना तो निगाहों से बयाँ होता है'
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Jan 11, 2012
| Author: Suman
| Source: लोक वेब मीडिया
"भाजपा एक आत्ममुग्ध पार्टी है और
इसकी प्रवृतियां सदैव से आत्मघाती भी रही हैं. यह इतने स्वाबलंबी हैं कि
अपने शीर्ष नेताओं की ह्त्या करने या उन्हें हाशिये पर लगाने का काम स्वयं
ही करलेते हैं. "स्वयंसेवक" शब्द की ही यह विडम्बना है. जनसंघ के समय स ...
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Jan 11, 2012
| Author: सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh
| Source: TheNetPress.Com
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Jan 10, 2012
| Author: डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
| Source: रायटोक्रेट कुमारेन्द्र
टीम अन्ना अब बिना किसी का नाम लिए चुनावी मैदान में उतरने का मन बनाते दिखने लगी है। इसके साथ ही यह भी संकेत मिले हैं कि अन्ना टीम अब जनता से सीधे संवाद कायम करेगी। यह अन्ना टीम का बेहतरीन फैसला कहा जा सकता है। जिस तरह से अभी तक के आन्दोलन में कुछ ...
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Jan 10, 2012
| Author: Suman
| Source: लोक वेब मीडिया
'वर्ल्ड सोशल फोरम की राजनीति और अर्थशास्त्र, भूमंडलीकरण के खिलाफ संघर्ष के लिए सबक' नाम से www.globalresearch.ca पर उपलब्ध लम्बे पर्चे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अनुदित कर यहाँ प्रकाशित किया जा रहा है. सामाजिक- राजनीतिक और सांस्कृतिक आंदोलनों से ज ...
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Jan 9, 2012
| Author: Mahfooz Ali
| Source: मेरी रचनाएँ !!!!!!!!!!!!!!!!!
अपने न्यू इयर रिज़ोल्यूशन के मुताबिक़ फ़िर से हाज़िर हूँ. अब भाई लिखना तो है ही... लिखने से क्या होता है ना मन के अंदर का बहुत कुछ बाहर आ जाता है... नहीं तो अपने फीलिंग्स को या फ़िर विचार को सिर्फ एक बंद किताब में रखने से क्या फायदा.. हाँ? आजकल म ...
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Jan 9, 2012
| Author: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा
| Source: kcverma :के.सी.वर्मा
क्या ? ईमानदारी को कीमत चुकानी पड़ेगी ,झूठ से सच को मुहं की खानी पड़ेगी ।इतनी धुंध छाई है झूठ की हर तरफ ,सच्चाई को अपनी परछाई छुपानी पड़ेगी ।जब हम बोलते हैं की सच है यही ,उस सच की भी सच्चाई बतानी पड़ेगी ।सौ बार कहने पर बन जाता है ''बछड़ा -मेमना ,मतलब ...
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Jan 9, 2012
| Author: Suman
| Source: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बाराबंकी
प्रदेश के श्रमिक आंदोलन के वरिष्ठ नेता तथा उत्तर प्रदेश ट्रेड यूनियन कांग्रेस एटक के अध्यक्ष कामरेड बासुदेव पाण्डेय नहीं रहे। बीते शुक्रवार की रात लखनऊ के गोमतीनगर के प्राइवेट नर्सिंग होम में उनका निधन हुआ। उनकी उम्र अस्सी साल थी। उनका अन्तिम सं ...
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Jan 8, 2012
| Author: नदीम अख़्तर
| Source: रांचीहल्ला
रांची.जन सरोकारों से जुडी ख़बरों और विमर्श के लिए ब्लॉग बेहतर विकल्प ज़रूर है लेकिन उसके खतरे भी हैं.अभिवयक्ति के खतरे तो उठाने ही होंगे.राजधानी स्थित एटीआइ के व्याख्यान कक्ष में हुए ब्लोगेर्स मिलन में यह बातें निकल कर सामने आयीं.इसके अलावा गजलों ...
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Jan 7, 2012
| Author: समय
| Source: समय के साये में
हे मानवश्रेष्ठों,
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Jan 7, 2012
| Author: नदीम अख़्तर
| Source: रांचीहल्ला
कल यानी रविवार 8 जनवरी 2012 को रांची के श्रीकृष्ण लोक प्रशासन प्रशिक्षण संस्थान के व्याख्यान कक्ष में ब्लॉगर्स मीट का आयोजन किया गया है। सभी ब्लॉगर्स और आभासी दुनिया के लोगों से अनुरोध है कि वे दिन के 1.00 बजे से आयोजित इस चाय-बिस्कुट मिलन समारोह ...
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Jan 7, 2012
| Author: Sushil . Gangwar
| Source: Sakshatkar.com
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें जुर्माना लगाने के बाद रिहा कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार दीया थाई एयरवेज की फ्लाइट से बैंकॉक से मुं ...
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Jan 6, 2012
| Author: Mahfooz Ali
| Source: मेरी रचनाएँ !!!!!!!!!!!!!!!!!
इस साल की यह नई पोस्ट लेकर फ़िर हाज़िर हूँ. इन दिनों काफी कुछ लिखा है और काफी कुछ पढ़ा भी है, बस ब्लॉग्गिंग करने का मन नहीं था. अब कहते हैं कि नये साल पर कुछ ना कुछ रिज़ोल्यूशन लिए जाते हैं तो मैंने भी यही रिज़ोल्यूशन लिया है कि जितना कुछ लिखा है ...
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Jan 6, 2012
| Author: Suman
| Source: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बाराबंकी
बम फेंक दो चाहे
मैं घास हूँ
मैं आपके हर किए-धरे पर उग आऊंगा
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Jan 6, 2012
| Author: Arunesh c dave
| Source: अष्टावक्र
साहबान, जब सौ लेख लिखने के बाद भी दवे जी याने हमको फ़ूटी कौंड़ी न मिली। तो हमने सोचा, जब फ़ेंकना ही है तो क्यो न ज्योतिष बन जाये। जजमानो को यहां वहां की फ़ेकेंगे, कम से कम पचास सौ तो मिल ही जायेगा। यही सोच हमने ज्योतिषाचार्य दवेजी का बोर्ड लगाया और ...
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Jan 4, 2012
| Author: सलीम ख़ान
| Source: हमारी अन्जुमन
हम आपको रूबरू करवा रहे हैं उस इंजीनियर शख्स से जिसने करीब चालीस साल पहले खुद आब ए ज़मज़म का निरीक्षण किया था। ज़मज़म पानी का सैंपल यूरोपियन लेबोरेट्री में भेजा गया । जांच में जो बातें आई उससे साबित हुआ कि ज़मज़म पानी इंसान के लिए रब की बेहतरीन ...
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Jan 3, 2012
| Author: डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
| Source: रायटोक्रेट कुमारेन्द्र
जनपद जालौन में 2007 के आम चुनाव तक कुल चार विधानसभा सीटें थीं. उरई, कोंच, कालपी, माधौगड़.....इस बार के परिसीमन में एक सीट-कोंच- को समाप्त कर दिया गया. 2012 के आम चुनाव में जनपद जालौन में केवल तीन सीटों उरई, कालपी, माधौगड़ पर ही चुनाव होगा।
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Jan 3, 2012
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: युवा दखल
युवा दखल के जनवरी-मार्च अंक का सम्पादकीय
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Jan 3, 2012
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: बृज गोकुलम Braj Gokulam
हैप्पी न्यू ईयर 2012
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Jan 3, 2012
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: जाने भी दो यारो!
हैप्पी न्यू ईयर 2012
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Jan 3, 2012
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: भारतीयम Bhaarateeyam
हैप्पी न्यू ईयर 2012
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Jan 2, 2012
| Author: Sunita Sharma
| Source: Ganga ke Kareeb
क्या यह शान्ति गंगा के करीब कायम रहेगी.........?
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Jan 2, 2012
| Author: Arunesh c dave
| Source: अष्टावक्र
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Jan 1, 2012
| Author: डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
| Source: उल्टा तीर
नया वर्ष आ गया; वर्ष 2012 आ गया; पुराना वर्ष 2011 चला गया। इस समय समाचारों में लोगों का उत्साह दिखाया जा रहा है। घर के कमरे में बैठे-बैठे हमें यहां उरई में खुशी में फोड़े जा रहे पटाखों का शोर सुनाई दे रहा है। लोगों की खुशी को कम नहीं करना चाहते, ह ...
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Dec 31, 2011
| Author: Suman
| Source: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बाराबंकी
मार्क्स 14 मार्च, 1883 को मृत्यु हो गई और उत्तरी लंदन में Highgate कब्रिस्तान में दफनाया गया था
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Dec 30, 2011
| Author: नरेन्द्र व्यास
| Source: आखर कलश
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Dec 30, 2011
| Author: Sushil . Gangwar
| Source: Sakshatkar.com
सिवान बिहार के रहने वाले मधुप श्रीवास्तव जो काफी दिनों से मिलने की कोशिश कर रहे थे कल मुझे टाइम मिला तो मधुप जी को बुला लिया उनसे हुई बातचीत के कुछ अंश ---
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Dec 27, 2011
| Author: सुमन'मीत'
| Source: बावरा मन
मेरे मन के आँगन में
नहीं खिलते अब
कोई भी फूल
न ही लगते हैं
कोई बेल बूटे
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Dec 26, 2011
| Author: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा
| Source: kcverma :के.सी.वर्मा
क्रांति की मशाल ना धीमी पड़नी चाहिए ,क्रांति की धूल हर ओर उड्नी चाहिए ,हर तरफ हो चाहे काँटों की दीवारें मगर ,उत्साह और उमंग की पतंग चढनी चाहिए ,कितने भी आयें अवरोध हमारी राह में ,हर कदम की रेखा ऊपर को बढनी चाहिए ,आखिर में झुकेगा हिमालय भी इसी र ...
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Dec 25, 2011
| Author: Suman
| Source: लोकसंघर्ष छाया
हिंदी संस्थान में श्री रामनाथ सिंह अदम गोंडवी के साथ कवि कैलाश निगम, श्री गजेन्द्र सिंह पूर्व विधायक, जवाहर कपूर, वाई.एस लोहित एडवोकेट
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Dec 25, 2011
| Author: Devendra Gehlod
| Source: Book Shelf
. File Size: 1.34 MB
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Dec 23, 2011
| Author: Sushil . Gangwar
| Source: Sakshatkar.com
बड़बोली आइटम गर्ल राखी सावंत वीना मलिक के खिलाफ जहर उगल रही हैं। वीना को शादीशुदा बताते हुए राखी ने रिएलिटी शो के दर्शकों को बेवकूफ बनाने का आरोप लगाया है। सुर्खियों में रहने वाली वीना मलिक रिएलिटी शो के जरिए शादी करने की तैयारी कर रही हैं। आइटम ...
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Dec 18, 2011
| Author: सुमन'मीत'
| Source: ❀अर्पित ‘सुमन’❀
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Dec 18, 2011
| Author: कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा
| Source: kcverma :के.सी.वर्मा
कैसे करें यकीं कोई ,तेरे प्यार का ,था अजीब सा सलीका ,इजहारे-प्यार का ।ना थी गर्मजोशी ना ,अपनेपन का रंग था ,तेरे इस अदा से सारा ,जहाँ दंग था ।क्या करूं मै तेरे इस सरोकार का ...........!हमने बिछा दी पलकें ,तेरी राह में ,बसा रखी है तेरे सूरत ,अपने ...
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Dec 14, 2011
| Author: संजय ग्रोवर Sanjay Grover
| Source: saMVAdGhar संवादघर
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Dec 11, 2011
| Author: DR. ANWER JAMAL
| Source: हमारी अन्जुमन
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Dec 8, 2011
| Author: अपराजिता
| Source: Chashmebaddoor
बस स्टैंड पर बैठी लड़की कि नज़र
डूबते सूरज कि लालिमा पर पड़ी और उसकी आँखे चमक उठी
उसने तुरंत उस बेहद दिलकश नज़ारे को साझा करने के लिए
बगल ही में बैठे प्रेमी से कहा
देखो मुझे उसमे तुम ही दिख रहे हो.....
तुम्हारा नाम आसमान कि लाल बिंदी बन गया ...
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Dec 6, 2011
| Author: नरेन्द्र व्यास
| Source: आखर कलश
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Dec 2, 2011
| Author: भास्कर रौशन
| Source: विभाव ( VIBHAAV )
(लघुकथाएँ)
1.
एकराजा की तीन रानियाँ। एक थी, एकहै और एक होनेवाली है। तीनों रानी हैं एक दूसरे से दूर, एकदूसरे से अपरिचित।
2.
एकराजा की तीन रानियाँ। तीनों अशिक्षित। राजा अपने कामों में इतने व्यस्त कि रानियोंके लिए कोई समय नहीं। एक रानी टी.वी. की ...
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Nov 29, 2011
| Author: Rajeev Bharol
| Source: इन्द्रधनुष
इस वर्ष दीपावली के अवसर पर श्री पंकज सुबीर जी के ब्लॉग पर आयोजित तरही मुशायरे में कही गई मेरी गज़ल पेश-ए-खिदमत है. तरही मिसरा था "दीप खुशियों के जल उठे हर सू". समाअत फरमाएं.
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Nov 28, 2011
| Author: सुमन'मीत'
| Source: ❀अर्पित ‘सुमन’❀
जिंदगी की किताब खोली
देखा !
कितने पन्नें पलट गए
कुछ भरे
कुछ खाली....
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Nov 27, 2011
| Author: नरेन्द्र व्यास
| Source: आखर कलश
विजेन्द्र श्री विजेन्द्र निराला की काव्य परम्परा के प्रतिनिधि कवि हैं होने के साथ ही साथ एक प्रतिष्ठित चित्रकार भी हैं। विजेन्द्र जी चित्रकला को कविता का पूरक मानते हैं। यही कारण है कि उनके काव्य सृजन के भाव उनकी कृतियों में लय होते नजर आते हैं।
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Nov 27, 2011
| Author: डा. महाराज सिंह परिहार
| Source: विचार-बिगुल
www.vichar-bigul.blogspot.com
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Nov 26, 2011
| Author: सलीम ख़ान
| Source: हमारी अन्जुमन
अरबी भाषा में लिखा 'अल्लाह'
1. अल्लाह यकता है (उसमें किसी प्रकार की अनेकता नहीं है)। वह किसी का मुहताज नहीं, सब उसके मुहताज हैं। न उसकी कोई संतान है न वह किसी की संतान है; और वह बेमिसाल, बेजोड़ है, कोई उसका समकक्ष नहीं है। (सार-112:1-4)
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Nov 19, 2011
| Author: शब्दकार-डॉo कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
| Source: शब्दकार
We're sorry, your browser doesn't support IFrames. You can still <a href="http://free.yudu.com/item/details/438003/------------------------------------------------------------------------------------------------------------?refid=77553">visit thi ...
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Nov 15, 2011
| Author: सुमन'मीत'
| Source: बावरा मन
आदरणीय ओम पुरोहित कागद जी को समर्पित
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Nov 15, 2011
| Author: अपराजिता
| Source: Chashmebaddoor
बाज़ार में बिक रही थी
हत्या करके लायी गई
मछलियाँ
ढेर पर ढेर लगी
मरी मछलियाँ
धड़ कटा-खून सना
बदबू फैलाती बाज़ार भर में.
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Nov 13, 2011
| Author: भास्कर रौशन
| Source: विभाव ( VIBHAAV )
मैं भूल सकता हूँ
तुम्हारे कपड़ों का रंग
जिसे तुमने उस दिन पहना था
मैं वह दिन भी भूल सकता हूँ
जब तुम मुझे पहली बार मिली थी
तुमने क्या कहा था...क्या किया था
और मुझे कैसा लगा था
भूल सकता हूँ मैं
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Nov 8, 2011
| Author: Suman
| Source: लोकसंघर्ष छाया
5-6 नवम्बर 2011 को चंडीगढ़ में स्तिथ जुडिसियल अकादमी में इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ लायर्स की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निलोफर भागवत के साथ उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधि मंडल के सदस्य सुरेश त्रिपाठी, रणधीर सिंह सुमन, पुष्पेन्द्र कुमार सिंह, आनंद सिंह, बलराम सिंह, ...
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Nov 4, 2011
| Author: Sunita Sharma
| Source: Ganga ke Kareeb
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Oct 28, 2011
| Author: सुमन'मीत'
| Source: बावरा मन
मैं आभारी हूँ रविन्द्र प्रभात जी और वटवृक्ष की पूरी टीम की जिन्होंने मेरी रचना को पत्रिका में स्थान दिया .....
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Oct 24, 2011
| Author: Sunita Sharma
| Source: Ganga ke Kareeb
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Oct 23, 2011
| Author: आशा जोगळेकर
| Source: रंगकर्मी Rangkarmi
दीप सज्जित स्वच्छ गृह सब फूल माला से सजे
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Oct 21, 2011
| Author: संजय ग्रोवर Sanjay Grover
| Source: saMVAdGhar संवादघर
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Oct 21, 2011
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: युवा दखल
जिस धज से कोई मकतल को गया वो शान सलामत रहती है,
ये जान तो आनी-जानी है इस जाँ की तो कोई बात नहीं.
--फैज़
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Oct 17, 2011
| Author: Suyash Deep Rai
| Source: Suyash Deep Rai
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Oct 14, 2011
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: युवा दखल
ग्वालियर में शहीद ए आजम भगत सिंह के जन्म दिवस पर गत २७ सितम्बर को ‘दखल विचार
मंच’ द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला
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Oct 12, 2011
| Author: संजय ग्रोवर Sanjay Grover
| Source: saMVAdGhar संवादघर
अरसा हुआ ‘संवादघर’ ने औरतो की ख़बर नहीं ली।
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Oct 9, 2011
| Author: blogtaknik
| Source: Blog Taknik
आपके सेमसंग एंड्रोएड मोबाइल फोन के लिए कुछ सीक्रेट कोड
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Oct 5, 2011
| Author: डा. महाराज सिंह परिहार
| Source: विचार-बिगुल
रामलीला की 147 वर्ष की शानदार परम्परा टूटी दशहरा पर किराये का रावण मरेगा लोकनाट्य रामलीला से लोकजन गायब रामलीला कमेटी का जातिवादी चेहरा बेनकाब
आगरा। उत्तर भारत की प्रमुख रामलीला के लिए आज का दिन शर्मनाक होगा जब रामलीला कमेटी की विवेकशून्यता और ज ...
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Sep 22, 2011
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: भारतीयम Bhaarateeyam
Nawaab of Pataudi या Tiger Pataudi के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान मंसूर अली खान पटौदी को पहली बार मैने खेलते देखा था कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में. 1964 में एम सी सी ( इंग्लेंड) की टीम भारत के दौरे पर थी. पहले चारों टेस्ट ...
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Sep 22, 2011
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: जाने भी दो यारो!
फिर तें महंगौ है गऔ तेल, कार में अब नांय बैठौंगो
अब नांय बैठौंगो , कार में अब नांय बैठौंगो
फिर तें महंगौ है गऔ तेल, कार में अब नांय बैठौंगौ.
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Sep 22, 2011
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: बृज गोकुलम Braj Gokulam
फिर तें महंगौ है गऔ तेल, कार में अब नांय बैठौंगो
अब नांय बैठौंगो , कार में अब नांय बैठौंगो
फिर तें महंगौ है गऔ तेल, कार में अब नांय बैठौंगौ.
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Sep 18, 2011
| Author: नारदमुनि
| Source: रंगकर्मी Rangkarmi
श्रीगंगानगर-सनातन धर्म,संस्कृति में पुत्र की चाहना इसीलिए की जाती है ताकि पिता उसके कंधे पर अंतिम सफर पूरा करे। शायद यही मोक्ष होता होगा। दोनों का। लेकिन तब कोई क्या करे जब पुत्र के होते भी ऐसा ना हो। पुत्र भी कैसा। पूरी तरह सक्षम। खुद भी चिकित्स ...
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Sep 15, 2011
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: जाने भी दो यारो!
कवि सम्मेलन सम्पन्न
हिन्दी अकादमी द्वारा प्रायोजित एवम महाराष्ट्र मित्र मंडल द्वारका आयोजित कवि सम्मेलन द्वारका, नई दिल्ली में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ. कवि सम्मेलन का सफल संचालन अंतर्राष्ट्रीय कवियत्री डा. कीर्ति काले द्वारा किया गया. इसमे पधा ...
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Sep 12, 2011
| Author: Devendra Gehlod
| Source: Book Shelf
File Size: 174KB
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Sep 12, 2011
| Author: आशा जोगळेकर
| Source: रंगकर्मी Rangkarmi
संवाद थम जाता है माँ के साथ,
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Sep 12, 2011
| Author: Rajeev Bharol
| Source: इन्द्रधनुष
कहीं चौखट कहीं छप्पर नहीं है,
यहाँ कोई मुकम्मल घर नहीं है.
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Aug 26, 2011
| Author: डा. महाराज सिंह परिहार
| Source: विचार-बिगुल
विचार-बिगुल: अन्ना की हठ और उसके दुष्परिणाम लेखक डॉ. चन्द्रभान: अन्ना की हठ और उसके दुष्परिणाम
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Aug 23, 2011
| Author: blogtaknik
| Source: Blog Taknik
1. अगर आपने किसी पोस्ट पर कमेंट किया है, लेकिन आप नहीं चाहते हैं कि आपके बाद उस पोस्ट पर किए जाने वाले दूसरे कमेंट के नोटिफिकेशन आपके इनबॉक्स में आएं, तो ऐरो पर क्लिक करें और 'म्यूट कन्वर्स ...
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Aug 18, 2011
| Author: Devendra Gehlod
| Source: Book Shelf
File Size : 20.3MB
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Aug 18, 2011
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: भारतीयम Bhaarateeyam
ये अन्धेरा अब पिघलना चाहिये
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Aug 16, 2011
| Author: blogtaknik
| Source: Blog Taknik
गूगल का फेसबुक के किले में सेंध लगाने का यह नवीनतम प्रयास है
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Aug 1, 2011
| Author: Rajeev Bharol
| Source: इन्द्रधनुष
बुलंदियों से हमें यूँ तो डर नहीं लगता
पर आसमां पे बना घर भी घर नहीं लगता.
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Jul 26, 2011
| Author: Amit K Sagar
| Source: उल्टा तीर
व्यस्त हूँ दोस्तो.
जल्द लौटूंगा आप सबके बीच :-)
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Jul 7, 2011
| Author: भास्कर रौशन
| Source: साहित्यालोचन
हक़ अदा हुआ
--- नामवर सिंह
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Jul 1, 2011
| Author: शब्दकार-डॉo कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
| Source: शब्दकार
पिछले कुछ माह की शब्दकार की गतिविधियों के बाद और अभी तक के अपने प्रयास के बाद ऐसा लगने लगा था कि जैसा सोचकर इस ब्लॉग की शुरूआत की गई थी हम उस उद्देश्य में सफल नहीं हो सके। 1 मार्च 2009 से प्रारम्भ हुए इस ब्लॉग में शुरूआती दिनों में लेखकों की रचन ...
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Jun 26, 2011
| Author: shalini kaushik
| Source: शब्दकार
जीवन में गर चाहो बढ़ना,
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Jun 8, 2011
| Author: Tushar B Kute
| Source: मेरी आवाज़
विनोद ही मनोरंजन का सब से बड़ा साधन माना जाता है। मैं भी यही मानता हूं। अधिकतर लोग कॉमेडी फ़िल्में ही देखना पसंद करते हैं। हिंदी फ़िल्मजगत में कही बहारदार कॉमेडी फ़िल्में पिछले कई सालों में आ गई हैं। परेश रावल तथा राजपाल यादव जैसे कलाकारों ने कॉमेडी ...
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Jun 8, 2011
| Author: Tushar B Kute
| Source: मेरी आवाज़
विनोद ही मनोरंजन का सब से बड़ा साधन माना जाता है। मैं भी यही मानता हूं। अधिकतर लोग कॉमेडी फ़िल्में ही देखना पसंद करते हैं। हिंदी फ़िल्मजगत में कही बहारदार कॉमेडी फ़िल्में पिछले कई सालों में आ गई हैं। परेश रावल तथा राजपाल यादव जैसे कलाकारों ने कॉमेडी ...
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Jun 3, 2011
| Author: Tushar B Kute
| Source: मेरी आवाज़
देवनागरी को भारत की राष्ट्रीय लिपी कहा जाता है. भारत की कई प्रमुख भाषायें इसी ’रस्मुलख़त’ में लिखी जाती है. जिस में भारतीय भाषाओं की जननी संस्कृत, तथा हिंदी, मराठी, नेपाली, कोंकणी आदि राष्ट्रीय भाषाएं भी शामील है. मतलब भारत की अधिकतम जनता इसी लिपी ...
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Jun 3, 2011
| Author: Tushar B Kute
| Source: मेरी आवाज़
एक भारतीय होने के नाते मेरा भी यह फ़र्ज़ बनता है की, मै भी क्रिकेट को सबसे ज़्यादा प्यार करू. इसलिए हर भारतीय की तरह मै भी क्रिकेट का चहिता हूं. बचपन से ही हम क्रिकेट खेलते आये है. लेकिन १९९६ के विश्वकप के बाद मै टीवी पर भी क्रिकेट की मॅचेस देखने ...
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Jun 1, 2011
| Author: Tushar B Kute
| Source: मेरी आवाज़
देवनागरी को भारत की राष्ट्रीय लिपी कहा जाता है. भारत की कई प्रमुख भाषायें इसी ’रस्मुलख़त’ में लिखी जाती है. जिस में भारतीय भाषाओं की जननी संस्कृत, तथा हिंदी, मराठी, नेपाली, कोंकणी आदि राष्ट्रीय भाषाएं भी शामील है. मतलब भारत की अधिकतम जनता इसी लिपी ...
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May 31, 2011
| Author: Tushar B Kute
| Source: मेरी आवाज़
एक भारतीय होने के नाते मेरा भी यह फ़र्ज़ बनता है की, मै भी क्रिकेट को सबसे ज़्यादा प्यार करू. इसलिए हर भारतीय की तरह मै भी क्रिकेट का चहिता हूं. बचपन से ही हम क्रिकेट खेलते आये है. लेकिन १९९६ के विश्वकप के बाद मै टीवी पर भी क्रिकेट की मॅचेस देखने ...
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May 14, 2011
| Author: भास्कर रौशन
| Source: साहित्यालोचन
राजेश जोशी की पुस्तक 'एक कवि की दूसरी नोटबुक' की समीक्षा
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Apr 22, 2011
| Author: Amit K Sagar
| Source: उल्टा तीर
रामकृष्ण डोंगरे
'जर्नलिस्ट अमर उजाला'
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Apr 8, 2011
| Author: भास्कर रौशन
| Source: विभाव ( VIBHAAV )
कलम में भरी है स्याही
पर निब में नहीं आती
झटकना पड़ता था कई बार पहले
अब तो उसका भी असर नहीं
लगता है कुछ ज्यादा ही खफ़ा है मुझसे
उसके इस रवैये से दुखी बहुत हूँ
पर गुस्सा नहीं करता मैं
कुछ देर के लिए रख देता हूँ
कुछ देर बाद उठा के पता लगाता ह ...
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Mar 18, 2011
| Author: Suman
| Source: लोकसंघर्ष छाया
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Mar 18, 2011
| Author: भास्कर रौशन
| Source: साहित्यालोचन
डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी (वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० विश्वनाथ त्रिपाठी जी के 80वें जन्मवर्ष पर)
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Mar 18, 2011
| Author: डा.अरविन्द चतुर्वेदी Dr.Arvind Chaturvedi
| Source: बृज गोकुलम Braj Gokulam
नाचो दे दे ताल, मजे लो होली में,
गालों मलो गुलाल, मजे लो होली में.
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Feb 16, 2011
| Author: पार्थिव कुमार
| Source: सराय
मजहबी भाईचारे की मिसाल है जगदेव कलां
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Feb 16, 2011
| Author: Suyash Deep Rai
| Source: Suyash Deep Rai
बिहार में हाल ही में संपन्न हुए विधान सभा चुनाव के परिणाम ना सिर्फ चौकाने वाले थे, बल्कि देश अन्य करोड़ों मतदाताओं को आंख खोलने व सोचने पर मजबूर कर देने वाले भी थे | भारत के सबसे पिछड़े राज्यों की श्रेणी कभी ( और शायद अभी भी ) गिने जाने वाले राज् ...
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Dec 22, 2010
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: हमकलम : वह जो मैं नहीं लिख पाया
छ्लक के कम न हो ऐसी कोई शराब नहीं
निगाहे-नरगिसे-राना, तेरा जवाब नहीं
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Dec 22, 2010
| Author: पार्थिव कुमार
| Source: सराय
रफी के गांव में
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Dec 5, 2010
| Author: Pramod
| Source: INVESTOR
किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक करने के लिए उचित योजना के निर्माण की आवश्यकता होती है. निवेश की प्रक्रिया में भी योजना का महत्वपूर्ण स्थान है. यदि मेहनत की कमाई से किये जा रहे निवेश को योजनाबद्ध तरीके से नहीं किया गया तो उससे या तो अपेक्षित लाभ ...
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Dec 1, 2010
| Author: Pramod
| Source: INVESTOR
१. निवेश क्या है?
जहाँ तक मैं समझाता हूँ, निवेश कुल आय से व्यय के उपरांत बची हुई राशि का इस प्रकार से उपयोग है कि समय के साथ इससे कुछ लाभ प्राप्त हो सके.
२.निवेश क्यों करें?
प्रत्येक व्यक्ति की कुछ आय होती है. उसमें से वह अपनी आवश्यकताओ ...
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Nov 29, 2010
| Author: अपराजिता
| Source: Chashmebaddoor
बातें
सायास नहीं
अनायास की जाए तो
ज़्यादा सुंदर होती हैं.
बातें
लफ़्ज़ों से नहीं
आँखों से की जाए तो
ज़्यादा मार्मिक होती हैं.
बातें
हिचक से परे
हृदय के उच्छवास से आये तो
ज़्यादा स्थान लेती हैं.
बातें
क्षणिक प्रतिक्रिया से नहीं
स्वप्न के ...
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Nov 25, 2010
| Author: पार्थिव कुमार
| Source: सराय
चोपता की सादगी में है जादू
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Oct 26, 2010
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: अर्थात
अर्जुन सेन गुप्ता
एक मानवतावादी विचारक का अवसान
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Sep 29, 2010
| Author: Jyoti
| Source: KVITA & MERE SAPNE
कभी किसीको मुक़म्मल जहाँ नहीं मिलता .....कभी ज़मी तो कभी आसमां मिलता ........
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Sep 6, 2010
| Author: Suyash Deep Rai
| Source: Suyash Deep Rai
समय २:३४ अपरान्ह ! उना जनशताब्दी !
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Sep 5, 2010
| Author: Jyoti
| Source: KVITA & MERE SAPNE
ख़ामोश साँस
ख़ामोश धड़कन
दर्द दिया अपनी ही आत्मा को
जैसे जान हमारी निकल गयी
क्या होता है दर्द
ये आज जाना हमने
ये ख़ामोशी जैसे नासूर बन गयी है
चीख भी नहीं आ रही है
बस आँखोंसे बरस रही है धाराए
न रोक पा रही हूँ और न समझा पा रही हु
इस द ...
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Jul 24, 2010
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: हमकलम : वह जो मैं नहीं लिख पाया
यहां पढ़ें कवि और कविता पर एकांत श्रीवास्तव का वक्तव्य
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Jun 28, 2010
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: हमकलम : वह जो मैं नहीं लिख पाया
खुब गए
दूधिया निगाहों में
फटी बिवाइयोंवाले खुरदरे पैर
धँस गए
कुसुम-कोमल मन में
गुट्ठल घट्ठोंवाले कुलिश-कठोर पैर
दे रहे थे गति
रबड़-विहीन ठूँठ पैडलों को
चला रहे थे
एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन चक्र
कर रहे थे मात त्रिविक्रम वामन के पुराने पै ...
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Apr 25, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: सत्य-इस्लाम
इस्लाम के मूल स्रोत दो है पहला कुरआन और दूसरा हदीस.
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Apr 23, 2010
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: अर्थात
एक आर्थिक सर्वसत्ता वाद गोलियों से नहीं वरन अकालों से हत्या करता है।
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Apr 23, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: सत्य-इस्लाम
इस्लाम में पांच बातों के बारे में ये कहा गया है कि ये इस्लाम के पांच स्तम्भ है. इन पाँचों स्तंभों
में से एक भी स्तम्भ ढह जाये तो इस्लाम की पूरी इमारत ढह जाती है. कहने का मतलब ये है कि
जब तक इन पांचो स्तंभों पर पूर्ण विश्वास और पालन न किया जाए क ...
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Apr 21, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: सत्य-इस्लाम
इस्लाम की परिभाषा
इस्लाम शब्द अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है अमन,शान्ति,अच्छाई,आत्मसमर्पण व सलामती.
संक्षेप में ईश्वर के आदेशों और ईश्वर के पैगम्बर हजरत मुहम्मद सल्ल: की शिक्षाओं को इस्लाम कहते है.
और इस्लाम के अनुयायी को मुस्लिम या मुसलमा ...
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Apr 18, 2010
| Author: प्रमोद
| Source: हिन्दी के चिराग
राष्ट्रीयता एवं जागरण की चेतना के साथ-साथ भारत के गौरवमयी अतीत की पहचान तथा रुढियों की जंजीरों में जकड़ी वर्त्तमान व्यवस्था के प्रति असंतोष से उत्पन्न क्रांति की आहवान करने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का एक परिच ...
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Apr 16, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: इस्लाम हिन्दी
आज के इस दौर में जिहालत की वजह से मुसलमान मर्द और औरतें जो मुंह में
आया बोल दिया करते हैं और कुछ ऐसी बातें भी बोल दिया करते हैं जिनसे आदमी
इस्लाम से निकल जाता है मतलब काफिर हो जाता है और उसका निकाह भी टूट
जाता है और उसे कोई खबर भी नहीं होती.अच ...
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Apr 15, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: कंप्यूटर हिन्दी
अक्सर ऐसा होता है कि हम अपने कंप्यूटर से कोई सोफ्टवेयर या प्रोग्राम को
रिमूव करते हैं तो वो प्रोग्राम all programs से तो हट जाता है लेकिन add
or remove programs में उसकी एंट्री रह जाती और वहां हमें प्रोग्राम का
नाम नज़र आ रहा होता है. ऐसा प्रो ...
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Apr 13, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: इस्लाम हिन्दी
तौहीद व रिसालत की तरह क़यामत पर भी ईमान लाना जरूरी है.क़यामत का इनकार
करने वाला काफिर है.हर मुसलमान के लिए इस अकीदे पर ईमान लाना जरूरी है कि
एक दिन ये सारी दुनिया जमीन व आसमान बल्कि पूरा ब्रह्माण्ड फना(ख़त्म) हो जायेगा.
इसी का नाम क़यामत या प्रलय ...
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Apr 11, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: इस्लाम हिन्दी
मरने के बाद और क़यामत(प्रलय) से पहले दुनिया और आखिरत के बीच एक और
दुनिया है जिसे आलमे बर्जख या बर्जखी दुनिया कहते हैं.सभी इंसानों और जिन्नात
को मरने के बाद इसी दुनिया में रहना होता है.इस बर्जखी दुनिया में अपने अपने
आमाल(कर्मों) के ऐतबार से किस ...
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Apr 4, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: कंप्यूटर हिन्दी
ऑटोप्ले विंडोज का बहुत अच्छा फीचर है.ये ऑन होने पर हमारी सीडी
या पेन ड्राइव कंप्यूटर में डालते ही ऑटो प्ले मतलब अपने आप खुल जाती
है.हमें खोलने की मेहनत नहीं करनी पड़ती.लेकिन कई बार ऑटो प्ले होना
बहुत खतरनाक भी हो जाता है जब हमारी सीडी या पेन ड ...
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Mar 21, 2010
| Author: rafiq khan
| Source: कंप्यूटर हिन्दी
इन्टरनेट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ईमेल भेजने या मंगाने में किया
जाता है जो की बिल्कुल मुफ्त सर्विस है और बहुत उपयोगी भी.लेकिन
कुछ लोग मुफ्त होने के कारण इसका इस्तेमाल लोगों को परेशान करने
के लिए करते हैं.कुछ यार दोस्त भी फ़ालतू मेल भेजते रहते ह ...
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Mar 7, 2010
| Author: अशोक कुमार पाण्डेय
| Source: अर्थात
ग़रीबी की बहस हमारे देश में बहुत पुरानी है। औपनिवेशिक ग़ुलामी से मुक्ति के बाद से ही हमारे विकास की तमाम योजनाओं में ग़रीबी हटाने और देश के भीतर व्याप्त सामाजार्थिक विषमता को दूर करने की बातें की जाती रहीं। लोकतांत्रिक प्रणाली और शायद गांधी के ग्राम ...
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Nov 22, 2009
| Author: Jyoti
| Source: KVITA & MERE SAPNE
न जाने क्यू तुम बहोत यादआ रहे हो
भुलाना चाहू तो ,भूल नही पाते हम ,
मिलने की आस है ,क्या मै इस जनम में तुम्हे मिल पाऊँगी ?
तुम भी तो चाहते होंगे ,हम मिले ,बीते लम्हे याद करे
तुम्हारा तुम जानो .मेरी दिली तमन्ना है ,मेरे इंतकाल से पहले
पुरी ...
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Sep 25, 2008
| Author: प्रमोद
| Source: हिन्दी के चिराग
हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल के कवियों में कबीरदास निर्गुण भक्ति काव्य-धारा में उच्च स्थान पर विराजमान हैं। उनका व्यक्तित्व क्रन्तिकारी व्यक्तित्व है, उन्होंने अपनी बात बेबाक ढंग से कही भले ही वह सामने वाले को कितनी भी चुभी। यद्यपि कबीर के जीवन के ...
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Sep 19, 2008
| Author: प्रमोद
| Source: हिन्दी के चिराग
हिन्दी साहित्य के भक्ति काल में भक्त कवियों ने अपने समाज और संस्कृति की रक्षा हेतु काव्य ग्रंथों की रचना की। इस काल में प्रवाहित होने वाली भक्ति काव्य धाराएँ सगुण काव्य तथा निर्गुण काव्य के रूप में दो हिस्सों में विभक्त थी। सगुण काव्य धारा की पुन ...
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